Shingles (शिंगल्स) के लक्षण, कारण और उपचार की पूरी जानकारी
Shingles, जिसे हिंदी में ‘हर्पीस जोस्टर’ या ‘जनेऊ’ भी कहा जाता है, एक दर्दनाक वायरल इन्फेक्शन है। यह उसी वायरस के कारण होता है जो चिकनपॉक्स (छोटी माता) पैदा करता है। यदि आपको बचपन में कभी चिकनपॉक्स हुआ है, तो वह वायरस आपके शरीर की तंत्रिकाओं में सुप्त अवस्था में पड़ा रहता है और सालों बाद Shingles के रूप में दोबारा उभर सकता है। allwellhealthorganic की टीम का मानना है कि इस बीमारी के बारे में सही जानकारी ही इसके गंभीर दुष्प्रभावों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।
Shingles क्या है और यह कैसे होता है?
Shingles एक ऐसा संक्रमण है जिसमें त्वचा पर दर्दनाक चकत्ते और छाले पड़ जाते हैं। इसका मुख्य कारक वेरिसेला-जोस्टर वायरस (Varicella-zoster virus) है। जब किसी व्यक्ति को चिकनपॉक्स ठीक हो जाता है, तो यह वायरस पूरी तरह खत्म नहीं होता, बल्कि रीढ़ की हड्डी और मस्तिष्क के पास के तंत्रिका ऊतकों में छिप जाता है।
दशकों बाद, जब शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कमजोर होती है, तो यह वायरस सक्रिय होकर नसों के माध्यम से त्वचा तक पहुँचता है और Shingles का कारण बनता है।
Shingles के मुख्य लक्षण (Symptoms)
शिंगल्स के शुरुआती संकेत अक्सर त्वचा पर चकत्ते दिखने से पहले ही शुरू हो जाते हैं। allwellhealthorganic के विशेषज्ञों के अनुसार, इसके मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं:
- चुभन और जलन: त्वचा के एक खास हिस्से में जलन, खुजली या झुनझुनी महसूस होना।
- दर्दनाक चकत्ते: त्वचा पर लाल रंग के छोटे-छोटे दानों का समूह उभरना (गहरी रंगत वाली त्वचा पर ये भूरे या बैंगनी दिख सकते हैं)।
- द्रव से भरे छाले: ये दाने बाद में पानी वाले छालों में बदल जाते हैं जो 7-10 दिनों में सूखकर पपड़ी बन जाते हैं।
- अन्य शारीरिक लक्षण: बुखार, सिरदर्द, थकान, प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता और पेट की खराबी।
चेहरे और आंखों पर Shingles का खतरा
यदि शिंगल्स के लक्षण चेहरे या आंखों के पास दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। यह संक्रमण आंखों की रोशनी को स्थायी नुकसान पहुँचा सकता है या कान की नसों को प्रभावित कर सकता है।
Shingles के होने के प्रमुख कारण और जोखिम कारक
हर वह व्यक्ति जिसे पहले चिकनपॉक्स हुआ है, उसे Shingles होने का खतरा रहता है। हालांकि, कुछ स्थितियां इस जोखिम को बढ़ा देती हैं:
- उम्र: 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में इसकी संभावना बढ़ जाती है।
- कमजोर इम्यून सिस्टम: कैंसर, एचआईवी या अन्य गंभीर बीमारियों के कारण शरीर की सुरक्षा प्रणाली कमजोर होना।
- तनाव: अत्यधिक मानसिक या शारीरिक तनाव वायरस को दोबारा सक्रिय कर सकता है।
- दवाएं: स्टेरॉयड या अन्य इम्यूनो-सप्रेसेंट दवाओं का लंबे समय तक सेवन।
- हार्मोनल बदलाव: महिलाओं में पेरिमेनोपॉज या मेनोपॉज के दौरान होने वाले बदलाव भी Shingles को ट्रिगर कर सकते हैं।
बीमारी के तीन मुख्य चरण (Stages of Shingles)
एक सामान्य शिंगल्स संक्रमण 2 से 6 सप्ताह तक चल सकता है और इसके तीन चरण होते हैं:
1. प्री-रैश चरण (Pre-rash Stage)
यह चकत्ते निकलने से लगभग 48 घंटे पहले का समय है। इस दौरान प्रभावित हिस्से में दर्द, झुनझुनी या संवेदनशीलता महसूस होती है।
2. इरप्टिव चरण (Eruptive Stage)
इस चरण में दर्दनाक छाले दिखाई देते हैं। ये छाले फूट सकते हैं और उनमें से तरल निकल सकता है। यह सबसे संक्रामक अवस्था है, जो 2 से 4 सप्ताह तक रहती है।
3. क्रॉनिक चरण (Chronic Stage)
यदि दर्द 4 सप्ताह से अधिक समय तक बना रहता है, तो इसे क्रॉनिक माना जाता है। इसे ‘पोस्टहर्पेटिक न्यूराल्जिया’ (PHN) कहते हैं, जिसमें नसों में लंबे समय तक तेज दर्द बना रहता है।
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गर्भावस्था और Shingles
गर्भावस्था के दौरान शिंगल्स होना दुर्लभ है। हालांकि, यदि ऐसा होता है, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह पर एंटीवायरल दवाएं लेनी चाहिए। अच्छी बात यह है कि शिंगल्स से गर्भपात या जन्म दोष होने का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिला है। allwellhealthorganic की सलाह है कि यदि स्तनपान कराने वाली मां के स्तनों पर छाले हों, तो उन्हें ठीक होने तक दूध पंप करके फेंक देना चाहिए।
उपचार और बचाव के उपाय (Treatment and Prevention)
शिंगल्स का कोई पूर्ण इलाज (Cure) नहीं है, लेकिन सही समय पर उपचार इसके असर को कम कर सकता है।
- एंटीवायरल दवाएं: एसाइक्लोविर (Acyclovir) जैसी दवाएं चकत्ते दिखने के 72 घंटों के भीतर शुरू करने पर सबसे प्रभावी होती हैं।
- टीकाकरण (Vaccination): ‘शिंग्रिक्स’ (Shingrix) वैक्सीन शिंगल्स को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है। 50 वर्ष से अधिक आयु के स्वस्थ वयस्कों को इसकी दो खुराक लेने की सलाह दी जाती है।
- घरेलू देखभाल: ठंडी सिकाई, कैलामाइन लोशन और ओटमील बाथ खुजली और जलन में राहत दे सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. क्या Shingles एक संक्रामक बीमारी है?
हां, लेकिन आप सीधे शिंगल्स नहीं फैला सकते। आप उन लोगों को वेरिसेला-जोस्टर वायरस फैला सकते हैं जिन्हें कभी चिकनपॉक्स नहीं हुआ है। संपर्क में आने पर उन्हें पहले चिकनपॉक्स होगा, शिंगल्स नहीं।
2. क्या तनाव के कारण Shingles हो सकता है?
तनाव सीधे तौर पर वायरस पैदा नहीं करता, लेकिन यह आपके इम्यून सिस्टम को इतना कमजोर कर सकता है कि सुप्त पड़ा वायरस सक्रिय होकर शिंगल्स का रूप ले ले।
3. क्या वैक्सीन लगवाने के बाद भी दोबारा शिंगल्स हो सकता है?
वैक्सीन 90% से अधिक प्रभावी है, लेकिन दुर्लभ मामलों में टीका लगवाने के बाद भी संक्रमण हो सकता है। हालांकि, वैक्सीन लेने वालों में इसके लक्षण बहुत हल्के होते हैं।
4. शिंगल्स के छाले कितने दिनों में ठीक होते हैं?
आमतौर पर छाले 7 से 10 दिनों में सूखकर पपड़ी बन जाते हैं, और पूरी बीमारी को ठीक होने में 2 से 6 सप्ताह का समय लग सकता है।
5. क्या बिना चकत्ते के भी शिंगल्स का दर्द हो सकता है?
जी हां, इसे ‘जोस्टर साइन हर्पेट’ (Zoster sine herpete) कहा जाता है, जहाँ मरीज को नसों में तेज दर्द होता है लेकिन त्वचा पर कोई छाला नहीं दिखता।
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