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High Blood Pressure In Kids – बच्चों में बढ़ता साइलेंट किलर, जानें कारण और बचाव

पिछले कुछ दशकों में स्वास्थ्य जगत में एक चौंकाने वाला बदलाव देखा गया है। जिसे कभी केवल बुजुर्गों की बीमारी माना जाता था, वह अब मासूम बच्चों को अपनी चपेट में ले रहा है। High blood pressure in kids यानी बच्चों में उच्च रक्तचाप की समस्या वैश्विक स्तर पर एक ‘साइलेंट हेल्थ क्राइसिस’ के रूप में उभर रही है। हालिया शोध और ‘द लैंसेट’ की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 20 वर्षों में 19 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में हाइपरटेंशन की दर 3.2% से बढ़कर 6.2% हो गई है।

बच्चों में हाइपरटेंशन: एक बढ़ता वैश्विक खतरा

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और आधुनिक जीवनशैली ने बच्चों के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाला है। High blood pressure in kids का लगभग दोगुना होना इस बात का संकेत है कि हम एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती की ओर बढ़ रहे हैं।

allwellhealthorganic के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाली पीढ़ी कम उम्र में ही गंभीर हृदय रोगों का शिकार हो सकती है।

इस वृद्धि के पीछे मुख्य कारण

बच्चों में बढ़ते इस खतरे के पीछे कई सामूहिक कारक जिम्मेदार हैं:

  • अस्वास्थ्यकर खान-पान: प्रोसेस्ड फूड, अत्यधिक चीनी और नमक का सेवन।
  • शारीरिक निष्क्रियता: मैदानों में खेलने के बजाय स्क्रीन (मोबाइल/टीवी) पर ज्यादा समय बिताना।
  • मोटापा: खराब जीवनशैली के कारण बच्चों में बढ़ता वजन रक्तचाप को सीधे प्रभावित करता है।

क्यों खतरनाक है Childhood Hypertension?

बच्चों में हाइपरटेंशन को ‘साइलेंट किलर’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण आसानी से दिखाई नहीं देते। विशेषज्ञों के अनुसार, High blood pressure in kids अक्सर बिना किसी संकेत के शरीर को अंदर से नुकसान पहुँचाता है। यदि इसे नियंत्रित न किया जाए, तो यह भविष्य में हार्ट फेलियर, स्ट्रोक और किडनी की समस्याओं का कारण बन सकता है।

डॉक्टर और विशेषज्ञों की राय

बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि आज के बच्चे शारीरिक गतिविधियों से दूर हो रहे हैं। उनकी डाइट में ताजे फलों और सब्जियों की जगह जंक फूड ने ले ली है, जो उनकी रक्त वाहिकाओं (blood vessels) के लिए हानिकारक है। इसके अलावा, आनुवंशिक कारण भी एक बड़ी भूमिका निभाते हैं; जिन परिवारों में पहले से बीपी या शुगर का इतिहास है, वहां बच्चों में इसका जोखिम अधिक रहता है।

बच्चों में उच्च रक्तचाप के लक्षण जिन्हें नजरअंदाज न करें

ज्यादातर मामलों में High blood pressure in kids के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते, लेकिन कुछ सूक्ष्म संकेत मिल सकते हैं जिन्हें माता-पिता अक्सर सामान्य तनाव समझकर छोड़ देते हैं:

  1. बार-बार सिरदर्द होना।
  2. जल्द थकान महसूस करना।
  3. एकाग्रता (Concentration) की कमी।
  4. धुंधला दिखाई देना।

allwellhealthorganic टीम का सुझाव है कि इन लक्षणों को केवल स्कूल का तनाव न समझें, बल्कि एक बार पेशेवर चिकित्सकीय जांच जरूर करवाएं।

माता-पिता कैसे कर सकते हैं बचाव?

बचाव ही सबसे बड़ा उपचार है। बच्चों को एक स्वस्थ भविष्य देने के लिए माता-पिता को उनके जीवन में कुछ बुनियादी बदलाव करने होंगे:

  • नियमित स्क्रीनिंग: बच्चों के हर डॉक्टर विजिट या रूटीन चेकअप में उनका ब्लड प्रेशर जरूर चेक करवाएं।
  • सक्रिय जीवनशैली: बच्चों को प्रतिदिन कम से कम एक घंटा आउटडोर खेल खेलने के लिए प्रोत्साहित करें।
  • संतुलित आहार: डाइट में फाइबर, पोटैशियम और ताजी सब्जियों को शामिल करें।

शुरुआती पहचान और निरंतर निगरानी का महत्व

अगर आपके परिवार में हाइपरटेंशन का इतिहास रहा है, तो बच्चों की घर पर भी निगरानी करना फायदेमंद हो सकता है। allwellhealthorganic हमेशा इस बात पर जोर देता है कि प्राकृतिक जीवनशैली और समय पर की गई जांच से हम बड़ी बीमारियों को टाल सकते हैं। बचपन में नियंत्रित रक्तचाप न केवल वर्तमान स्वास्थ्य को सुधारता है, बल्कि वयस्क होने पर हृदय रोगों के जोखिम को भी काफी कम कर देता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न | High Blood Pressure In Kids

1. बच्चों में सामान्य ब्लड प्रेशर क्या होना चाहिए?

बच्चों में ब्लड प्रेशर उनकी उम्र, ऊंचाई और लिंग के आधार पर अलग-अलग होता है। सटीक जानकारी के लिए हमेशा पीडियाट्रिशियन (बाल रोग विशेषज्ञ) से सलाह लें।

2. क्या बच्चों में High Blood Pressure को ठीक किया जा सकता है?

हाँ, जीवनशैली में सुधार, सही खान-पान और वजन को नियंत्रित करके इसे काफी हद तक प्रबंधित या ठीक किया जा सकता है।

3. क्या तनाव से बच्चों का बीपी बढ़ सकता है?

हाँ, पढ़ाई का बोझ, नींद की कमी और मानसिक तनाव बच्चों में अस्थायी रूप से रक्तचाप बढ़ा सकते हैं।

4. बच्चों के आहार में नमक की कितनी मात्रा होनी चाहिए?

बच्चों को प्रोसेस्ड और पैकेट बंद चिप्स/स्नैक्स से दूर रखना चाहिए क्योंकि इनमें सोडियम की मात्रा बहुत अधिक होती है। घर का बना ताजा खाना ही सर्वोत्तम है।

5. क्या आनुवंशिकता बच्चों के बीपी को प्रभावित करती है?

जी हाँ, यदि माता-पिता को हाई बीपी या हृदय रोग है, तो बच्चों में इसके विकसित होने की संभावना अधिक रहती है। ऐसे बच्चों की नियमित जांच आवश्यक है।

Disclaimer: Allwellhealthorganic.com पर दी गई सामग्री केवल जानकारी के उद्देश्यों के लिए है और यह professional medical advice का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी चिंता के लिए या किसी नए treatment को शुरू करने से पहले हमेशा एक healthcare provider से सलाह लें। कृपया किसी भी health-related decision लेने से पहले या यदि आपके स्वास्थ्य को लेकर कोई चिंता है, तो एक healthcare professional से सलाह लें। Allwellhealthorganic.com प्रदान की गई जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी कार्रवाई के लिए जिम्मेदार नहीं है।

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