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Hepatorenal Syndrome – लक्षण, कारण और बचाव के उपाय

Hepatorenal Syndrome (HRS) एक अत्यंत गंभीर और जीवन के लिए जोखिम पैदा करने वाली स्थिति है जो लिवर की विफलता के अंतिम चरणों में उत्पन्न होती है। सरल शब्दों में, जब आपका लिवर गंभीर रूप से बीमार (जैसे सिरोसिस) होता है, तो यह आपकी किडनी के काम करने के तरीके को प्रभावित करने लगता है, जिससे अचानक किडनी फेलियर हो जाता है।

allwellhealthorganic की टीम का मानना है कि इस बीमारी के बारे में जागरूकता ही समय रहते इलाज की कुंजी है। इस लेख में, हम इसके लक्षण, प्रकार और बचाव के तरीकों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

Hepatorenal Syndrome क्या है?

हेपेटोरेनल सिंड्रोम (HRS) उन्नत लिवर रोगों, विशेष रूप से ‘सिरोसिस’ (लिवर पर स्कारिंग) की एक घातक जटिलता है। यहाँ ‘हेपेटो’ का अर्थ लिवर और ‘रेनल’ का अर्थ किडनी है। यह स्थिति तब होती है जब लिवर की बीमारी के कारण किडनी में रक्त का प्रवाह बाधित हो जाता है, जिससे किडनी अचानक काम करना बंद कर देती है। यदि Hepatorenal Syndrome का समय पर उपचार न किया जाए, तो यह कुछ ही हफ्तों में जानलेवा साबित हो सकता है।

Hepatorenal Syndrome के मुख्य लक्षण

शुरुआती चरणों में इसके लक्षण इतने सामान्य हो सकते हैं कि मरीज को अपनी स्थिति की गंभीरता का अंदाजा नहीं होता। allwellhealthorganic विशेषज्ञों के अनुसार, निम्नलिखित संकेतों पर ध्यान देना अनिवार्य है:

सामान्य शारीरिक लक्षण

  • अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस होना।
  • जी मिचलाना और उल्टी की इच्छा।
  • पेट में हल्का या तेज दर्द।
  • मुंह का स्वाद खराब होना।
  • पेशाब की मात्रा में अचानक कमी आना।

लिवर रोग से जुड़े लक्षण

चूंकि HRS लिवर की बीमारी से जुड़ा है, इसलिए मरीज में ये लक्षण भी दिख सकते हैं:

  • पीलिया (Jaundice): त्वचा और आंखों का पीला पड़ना।
  • जलोदर (Ascites): पेट में अत्यधिक तरल पदार्थ का जमा होना।
  • बढ़ी हुई तिल्ली (Enlarged Spleen): पेट के ऊपरी बायीं ओर सूजन।
  • मानसिक भ्रम: याददाश्त की समस्या या सोचने-समझने में कठिनाई।

Hepatorenal Syndrome के प्रकार

चिकित्सा विज्ञान में HRS को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा गया है:

1. HRS-AKI (एक्यूट किडनी इंजरी)

यह सबसे तीव्र प्रकार है जहाँ किडनी की कार्यक्षमता बहुत तेजी से गिरती है। इसे ‘क्रिएटिनिन’ के स्तर के आधार पर तीन चरणों में विभाजित किया गया है। स्टेज 3 सबसे गंभीर स्थिति होती है जहाँ मरीज को डायलिसिस की आवश्यकता पड़ सकती है।

2. HRS-NAKI (नॉन-एक्यूट किडनी इंजरी)

यह उन मरीजों में देखा जाता है जहाँ किडनी की क्षति धीमी गति से होती है और यह AKI के सख्त मानदंडों को पूरा नहीं करती, लेकिन फिर भी यह सेहत के लिए उतना ही खतरनाक है।

कारण और जोखिम कारक

Hepatorenal Syndrome का मुख्य कारण किडनी की रक्त वाहिकाओं का संकुचित (Narrowing) होना है। जब ये नसें सिकुड़ जाती हैं, तो किडनी को पर्याप्त रक्त नहीं मिलता।

प्रमुख जोखिम कारक:

  • पोर्टल हाइपरटेंशन: लिवर में रक्त ले जाने वाली नसों में उच्च रक्तचाप।
  • बैक्टीरियल पेरिटोनिटिस (SBP): पेट की झिल्ली में होने वाला संक्रमण।
  • आंतरिक रक्तस्राव: पेट के भीतर नसों के फटने से ब्लीडिंग होना।
  • दवाओं का प्रभाव: कुछ दर्दनिवारक (NSAIDs) या मूत्रवर्धक दवाएं भी इस जोखिम को बढ़ा सकती हैं।

निदान और उपचार की प्रक्रिया

HRS का निदान करना डॉक्टरों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है क्योंकि इसके लिए कोई एक विशिष्ट टेस्ट नहीं है। allwellhealthorganic की रिसर्च टीम के अनुसार, डॉक्टर पहले अन्य संभावनाओं को खारिज करते हैं।

  • निदान के मानक: मरीज को सिरोसिस और जलोदर (Ascites) होना चाहिए, साथ ही रक्त में क्रिएटिनिन का स्तर तेजी से बढ़ना चाहिए।
  • उपचार: सबसे प्रभावी उपचार ‘लिवर प्रत्यारोपण’ (Liver Transplant) है। इसके अलावा, एल्ब्यूमिन थेरेपी, वैसोकन्स्ट्रिक्टर दवाएं और हीमोडायलिसिस का उपयोग स्थिति को स्थिर करने के लिए किया जाता है।

यह भी पढ़ें: Liver Stress | लिवर स्ट्रेस के लक्षण, कारण और बचाव के उपाय

बचाव और रोकथाम

लिवर को स्वस्थ रखकर ही Hepatorenal Syndrome से बचा जा सकता है।

  1. शराब का पूरी तरह त्याग करें।
  2. संतुलित आहार लें और वजन नियंत्रित रखें।
  3. बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर्स (Aspirin, Ibuprofen) न लें।
  4. समय-समय पर लिवर फंक्शन टेस्ट करवाते रहें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न 

1. क्या Hepatorenal Syndrome पूरी तरह ठीक हो सकता है?

हाँ, सफल लिवर प्रत्यारोपण के बाद अधिकांश मरीजों की किडनी कुछ हफ्तों में सामान्य रूप से काम करने लगती है।

2. HRS के मरीज की जीवन प्रत्याशा कितनी होती है?

बिना ट्रांसप्लांट के, गंभीर मामलों में जीवित रहने की दर 90 दिनों से भी कम हो सकती है। ट्रांसप्लांट के बाद 60% लोग 3 साल से अधिक जीवित रहते हैं।

3. क्या शराब छोड़ने से HRS रुक सकता है?

शराब छोड़ने से लिवर की क्षति रुकती है, जिससे भविष्य में Hepatorenal Syndrome होने का खतरा काफी कम हो जाता है।

4. क्रिएटिनिन टेस्ट HRS में क्यों महत्वपूर्ण है?

क्रिएटिनिन किडनी के स्वास्थ्य का सूचक है। इसका स्तर बढ़ना यह दर्शाता है कि किडनी शरीर से गंदगी को छानने में असमर्थ है।

5. क्या जलोदर (Ascites) हमेशा HRS का कारण बनता है?

नहीं, लेकिन जलोदर वाले 10 में से 1 व्यक्ति को HRS होने की संभावना होती है। यह एक प्रमुख चेतावनी संकेत है।

Disclaimer: Allwellhealthorganic.com पर दी गई सामग्री केवल जानकारी के उद्देश्यों के लिए है और यह professional medical advice का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी चिंता के लिए या किसी नए treatment को शुरू करने से पहले हमेशा एक healthcare provider से सलाह लें। कृपया किसी भी health-related decision लेने से पहले या यदि आपके स्वास्थ्य को लेकर कोई चिंता है, तो एक healthcare professional से सलाह लें। Allwellhealthorganic.com प्रदान की गई जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी कार्रवाई के लिए जिम्मेदार नहीं है।

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