Premenstrual Syndrome (PMS) क्या है? कारण, लक्षण व इलाज | allwellhealthorganic
महिलाओं के जीवन में मासिक धर्म एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन इससे पहले आने वाले कुछ दिन कई महिलाओं के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण होते हैं। इसी अवस्था को चिकित्सीय भाषा में Premenstrual Syndrome कहा जाता है। यह कोई एक बीमारी नहीं बल्कि कई प्रकार के लक्षणों का समूह होता है, जो हर महिला में अलग-अलग रूप में दिखाई देता है।
Premenstrual Syndrome क्या है?
Premenstrual Syndrome (PMS) उन शारीरिक, मानसिक और व्यवहारिक बदलावों का समूह है जो महिला के मासिक धर्म शुरू होने से लगभग 7 से 14 दिन पहले दिखाई देते हैं। आमतौर पर ये लक्षण पीरियड शुरू होते ही या कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाते हैं।
कुछ महिलाओं में PMS बहुत हल्के लक्षणों के साथ आता है, जैसे मामूली थकान या मूड में बदलाव, जबकि कुछ महिलाओं में यह इतना गंभीर हो सकता है कि उनके रोजमर्रा के काम, नौकरी या पढ़ाई पर असर पड़ता है।
Premenstrual Syndrome कब और क्यों होता है?
PMS अक्सर ओव्यूलेशन (अंडोत्सर्जन) के बाद शुरू होता है। यह वह समय होता है जब शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के स्तर में तेजी से बदलाव आते हैं। यही बदलाव PMS का मुख्य कारण माने जाते हैं।
Premenstrual Syndrome के लक्षण
PMS के लक्षणों को मुख्य रूप से तीन भागों में बांटा जा सकता है:
1. भावनात्मक और मानसिक लक्षण
- अत्यधिक चिंता और तनाव
- बेवजह रोना
- चिड़चिड़ापन और गुस्सा
- डिप्रेशन या उदासी
- आत्मविश्वास की कमी
- ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई
- नींद न आना (अनिद्रा)
- यौन इच्छा में बदलाव
- अकेलापन महसूस करना
- घबराहट और बेचैनी
2. शारीरिक लक्षण
- सिरदर्द या माइग्रेन
- शरीर में दर्द
- पीठ दर्द
- पेट फूलना
- स्तनों में दर्द या भारीपन
- चेहरे पर मुंहासे
- अधिक पसीना आना
- पेट में ऐंठन
- थकान और कमजोरी
- पानी रुकने से वजन बढ़ना
3. व्यवहारिक बदलाव
- अधिक खाने का मन
- जंक फूड की क्रेविंग
- मिठा, नमकीन या तला हुआ खाने की इच्छा
- काम में रुचि कम होना
- सामाजिक दूरी बनाए रखना
Premenstrual Syndrome होने के कारण
PMS का कोई एक निश्चित कारण नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे ये प्रमुख कारण हो सकते हैं:
1. हार्मोनल असंतुलन
एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के उतार-चढ़ाव से दिमाग पर असर पड़ता है, जिससे मूड स्विंग्स होते हैं।
2. सेरोटोनिन में कमी
सेरोटोनिन खुशी का हार्मोन होता है। इसकी कमी से उदासी और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है।
3. पोषण की कमी
कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन और विटामिन B6 की कमी PMS को गंभीर बना सकती है।
4. तनाव और नींद की कमी
लगातार तनाव में रहने और पर्याप्त नींद न लेने से PMS के लक्षण और खराब हो जाते हैं।
5. जीवनशैली
अनियमित दिनचर्या, गलत खान-पान और नशे की आदतें PMS को बढ़ावा देती हैं।
Premenstrual Syndrome के जोखिम कारक (Risk Factors)
कुछ महिलाएं PMS के लिए ज्यादा संवेदनशील होती हैं, जैसे:
- मोटापा
- ज्यादा कैफीन का सेवन
- शराब पीना
- धूम्रपान
- अत्यधिक मानसिक दबाव
- डिप्रेशन का इतिहास
- हार्मोनल समस्याएं
- शारीरिक गतिविधि की कमी
Premenstrual Syndrome का निदान कैसे होता है?
PMS का निदान किसी एक जांच से नहीं होता। डॉक्टर मुख्य रूप से महिला के बताए गए लक्षणों के आधार पर इसका पता लगाते हैं।
डायग्नोसिस के लिए डॉक्टर ये देखते हैं:
- लक्षण पीरियड से पहले आते हैं या नहीं
- पीरियड शुरू होने के बाद ठीक होते हैं या नहीं
- लक्षण 2-3 महीने से लगातार हैं या नहीं
- महिला का मानसिक और सामाजिक जीवन प्रभावित हो रहा है या नहीं
डॉक्टर PMS को इन बीमारियों से अलग करने की कोशिश करते हैं:
- डिप्रेशन
- थायरॉयड की बीमारी
- पेरिमेनोपॉज
- एंग्जायटी डिसऑर्डर
- क्रोनिक फटीग सिंड्रोम
Premenstrual Syndrome का इलाज
PMS का इलाज हमेशा दवाइयों से जरूरी नहीं, कई बार जीवनशैली बदलने से ही आराम मिल जाता है।
दवाइयों द्वारा उपचार
दर्द निवारक दवाएं
- Ibuprofen
- Naproxen
एंटी-डिप्रेसेंट
- Fluoxetine
- Paroxetine
डाययूरेटिक
सूजन कम करने के लिए
हार्मोनल गोलियां
पिरियड को नियमित करने के लिए
डाइट और पोषण द्वारा PMS नियंत्रण
स्वस्थ आहार PMS में बहुत राहत देता है:
खाने योग्य चीजें:
- हरी सब्जियां
- फल
- साबुत अनाज
- दूध और दही
- दालें
- बीज (अलसी, चिया)
परहेज करें:
- जंक फूड
- ज्यादा नमक
- ज्यादा चीनी
- कॉफी
- शराब
जीवनशैली में सुधार
एक्सरसाइज
- योग
- वॉक
- कार्डियो
नींद
-
रोज कम से कम 7-8 घंटे सोएं
स्ट्रेस मैनेजमेंट
- ध्यान
- प्राणायाम
- म्यूजिक थेरेपी
- जर्नलिंग
नशे से दूरी
-
सिगरेट और शराब से बचें
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प्राकृतिक और घरेलू उपाय
हर्बल उपचार
- हल्दी
- अदरक
- पुदीना
- अश्वगंधा
सप्लीमेंट्स
- कैल्शियम
- मैग्नीशियम
- विटामिन E
- विटामिन B6
Premenstrual Syndrome और मानसिक स्वास्थ्य
लगभग 50% महिलाएं PMS के साथ मानसिक समस्याओं से भी गुजरती हैं:
- डिप्रेशन
- पैनिक अटैक
- एंग्जायटी
- लो सेल्फ-एस्टीम
Pregnancy और PMS में फर्क
PMS और शुरुआती प्रेगनेंसी के लक्षण मिलते-जुलते हो सकते हैं:
| लक्षण | PMS | Pregnancy |
|---|---|---|
| मूड स्विंग | हां | हां |
| थकान | हां | ज्यादा |
| पीरियड | आता है | नहीं आता |
समाज में PMS को लेकर भ्रांतियां
- यह केवल बहाना नहीं, यह एक मेडिकल कंडीशन है
- हर महिला इसे अलग तरह से अनुभव करती है
- यह कमजोरी नहीं, शरीर की प्रतिक्रिया है
निष्कर्ष
Premenstrual Syndrome कोई बीमारी नहीं, लेकिन एक गंभीर अवस्था हो सकती है यदि समय पर ध्यान न दिया जाए। सही जानकारी, स्वस्थ जीवनशैली और समय पर चिकित्सा से PMS को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।
यदि लक्षण असहनीय हों तो डॉक्टर से सलाह लेना सबसे अच्छा विकल्प है।
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